महाभारत श्री. कृष्ण सार: संतान का प्रेम माता- पिता कि धरोहर - भाग ६
A MESSAGE FROM SHREE KRISHNA STAR PLUS MAHABHARAT SHOW
पुर्वजोंकी इच्छा, आशा, महत्वकांशा, क्रोध, बैर, प्रतिशोध यही सब आनेवाली पीढ़ी की धरोहर बनते है !
माता पिता तो अपनी संतान को देना चाहते है समस्त विश्व का सुख पर देते है अपने पीड़ाओं की संपति !
देना चाहते है अमृत पर साथ ही साथ विष का घड़ा भी भर देते है !
आप विचार कीजिये !!!
आपने अपनी संतानो को क्या दिया आज ...??
अवश्य प्रेम, प्यार संपत्ति आदि दी हैं !!! पर क्या साथ ही साथ उनके मन को मेल से भर देने वाले पुर्व गृह नहीं दिए !!!
अच्छे बुरे की पुर्व निर्धारित व्याख्याए नहीं दी !
व्यक्ति का व्यक्ति के साथ, समाजोंका समाजोंके साथ, राष्ट्र का राष्ट्र के साथ, संघर्ष क्या इन्ही पूर्वग्रहों से निर्मित नहीं होते !!!
हत्या, मृत्यु, रक्तपात क्या इन्ही पूर्वग्रहों से जन्म नहीं लेते !!!
अर्थात। ...
माता - पिता अपनी संतानो को जन्म के साथ मृत्यु का दान भी देते है !!!
प्रेम के प्रकाश के साथ साथ घृणा का अंधकार भी देते है !!!
और अंधकार मन का हो, ह्रदय का हो या वास्तविक हो उससे केवल भय प्राप्त होता है !!!
!!! केवल भय !!!
!!! स्वयंम विचार कीजिये !!!
मुझे नयी धारावाहिक स्टार प्लस पर नये सिरे से प्रसारित कि गई महाभारत गाथा और इसमे से सारे पात्र उनके संघर्ष कि कहाणी पुन्हा पुन्हा सुनने का अवसर मिला.
श्री. कृष्ण भगवान (सौरभ जैन जी उनका एक यादगार अजरामर किरदार ) उनके इस किरदार ने मुझपर कुछ ऐसा असर किया कि मैने सारे महाभारत के एपिसोड पुन्हा पुन्हा सुनकर उसमे से मेरे सबसे अधिक प्रिय पात्र श्री. कृष्ण भगवान के लगभग सारे डायलॉग एक डायरी में लिख लिये ताकी जब भी कभी मुझे अकेलापण महसूस हो, मेरी सोच नकारात्मकता से भर जाये तब मे श्री. कृष्ण भगवान के इन्ही मधुर बोल एवंम वचन को पढकर पुन्हा मेरी उर्जा एक जगह केंद्रित करके मेरे जीवन का लक्ष्य हासील कर सकू.
बस यही विचार के साथ मेने मेरे अपने डायरी में लिखे वो सारे डायलॉग जो कि स्टार प्लस (Star plus) और डीझने + हॉट स्टार (Disney + Hotstar) पर १६ सप्टेंबर २०१३ से १६ ऑगस्ट २०१४ में प्रदर्शित कि गयी महाभारत गाथा कि पेशकश हे उन्हे यहा पर पुन्हा एक बार जैसे शब्द है वैसे ही लिखणे कि कोशिश कि है.
सिद्धार्थ कुमार तिवारी और अन्य लिखित, अमोल सुर्वे, सिद्धार्थ, कुमार आनंद और अन्य द्वारा निर्देशित किये श्री. व्यास जीं कि महाभारत गाथा के श्री कृष्ण भगवान के मुख से निकले कुछ सवांद यहा आपके लिये वापस एक बार.
